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आज के समय में टीवी व रेडियो पर मौसम संबंधी जानकारी मिल जाती है। लेकिन सदियों पहले न टीवी-रेडियो थे, न सरकारी मौसम विभाग। ऐसे समय में महान कि...
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सुअरों की बात चले और ऐनिमल फार्म याद न आए, ऐसा हो नहीं सकता। बीसवीं सदी के महान अंग्रेज उपन्यासकार जॉर्ज ऑरवेल ने अपनी इस कालजयी कृति में...
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यह विडंबना ही है कि जिस देश की अधिकांश जनता किसान है, जहां का महान बुद्धिजीवी वर्ग जनवाद की बातें करते नहीं अघाता, वहां कार पर तो खूब बहस हो...
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11 अप्रैल को हिन्दी के प्रख्यात कथाशिल्पी फणीश्वर नाथ रेणु की पुण्यतिथि थी। उस दिन चाहता था कि उनकी स्मृति से जुड़ी कुछ बातें खेती-...
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प्रा चीन यूनान के शासक सिकंदर (Alexander) को विश्व विजेता कहा जाता है। लेकिन क्या आप सिकंदर के गुरु को जानते हैं? सिकंदर के गुरु अरस्तु (Ari...
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हमारे गांवों में एक कहावत है, 'जिसकी खेती, उसकी मति।' हालांकि हमारे कृषि वैज्ञानिक व पदाधिकारी शायद ऐसा नहीं सोचते। किसान कोई गलत कृ...
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आज हम आपसे हिन्दी के विषय में बातचीत करना चाहते हैं। हो सकता है, हमारे कुछ मित्रों को लगे कि किसान को खेती-बाड़ी की चिंता करनी चाहिए। वह हि...
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मेरे प्रिय कवि केदारनाथ अग्रवाल की एक कविता है : गांव की सड़क शहर को जाती है, शहर छोड़कर जब गांव वापस आती है तब भी गांव रहता है वही गांव, का...

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अपना बहुमूल्य समय देने के लिए धन्यवाद। अपने विचारों से हमें जरूर अवगत कराएं, उनसे हमारी समझ बढ़ती है।