कनाडा के यानिक कुस्सॉन का 17 सालों से अपने पिता से संपर्क टूटा हुआ था। उन्हें नहीं पता था कि उनके पिता कहां हैं और क्या कर रहे हैं। एक दिन उनके घर में इंटरनेट आया। उन्होंने गूगल सर्च बॉक्स में अपने पिता का नाम लिखा, और फिर चमत्कार हो गया। गूगल सर्च के जरिए उन्होंने अपने बिछड़े हुए पिता को पा लिया। तब से आज तक कुस्सॉन अपने पिता के संपर्क में हैं, और वह दिन आज भी उनकी स्मृति में ताजा है। दरअसल दुनिया में ऐसे अनगिनत लोग होंगे जिनके जीवन पर गूगल सर्च ने इसी तरह अमिट छाप छोड़ी होगी। हो सकता है उन शख्सों में आप भी हों जिनके जीवन पर गूगल ने काफी असर डाला हो।
यदि ऐसा है तो देर किस बात की। इस लिंक पर जाकर गूगल के ग्रुप प्रोडक्ट मैनेजर जैक मेंजेल की पोस्ट पढि़ए और उनके बताए ठिकाने पर लिख भेजिए अपनी कहानी। जी हां, आपकी कहानी का इंतजार हो रहा है।